‘विकसित ग्राम–विकसित भारत’ पर राष्ट्रीय मंथन: शिवराज सिंह चौहान बोले- गांव मजबूत होंगे तभी बनेगा विकसित भारत
नई दिल्ली: देश के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ के दूसरे दिन केंद्र सरकार और राज्यों के बीच व्यापक मंथन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। इस दौरान देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री पहली बार एक साझा मंच पर पहुंचे और गांवों के समग्र विकास के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि देश के विकास की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो सबसे पहले गांवों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा। उनका कहना था कि “विकसित भारत का रास्ता विकसित गांवों से होकर ही गुजरता है।”
1 जुलाई से लागू होगी नई ग्रामीण रोजगार योजना
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना लागू की जाएगी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने अंतरिम रूप से 95,682 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। उन्होंने राज्यों से समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने की अपील की।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ‘लखपति दीदी डैशबोर्ड’ और ‘SHE LEAPS’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। इसे ध्यान में रखते हुए अगले पांच वर्षों के लिए लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के बैंक लिंकिंग रोडमैप पर काम किया जा रहा है।
राज्यों को दिए अहम सुझाव
ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने के लिए केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में राज्य सरकारों की हिस्सेदारी समय पर जारी होनी चाहिए, विभागों में खाली पद जल्द भरे जाएं और अधिकारियों का बार-बार तबादला रोककर उन्हें पर्याप्त समय तक एक ही स्थान पर काम करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने योजनाओं की निगरानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया ताकि पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
हर पात्र परिवार को मिलेगा आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण सड़क योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। उन्होंने भूमिहीन लाभार्थियों को भूमि उपलब्ध कराने और लंबित आवासों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।
राज्यों के सफल मॉडल पूरे देश में होंगे लागू
सम्मेलन में झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों की सफल ग्रामीण विकास योजनाओं और आजीविका मॉडल पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन सफल प्रयोगों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि पूरे देश में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
कम बारिश की आशंका पर राज्यों को सतर्क रहने की सलाह
शिवराज सिंह चौहान ने संभावित कम वर्षा को देखते हुए 14 राज्यों को पहले से तैयारी रखने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण कार्यों को तेज करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन की दिशा में समय रहते कदम उठाने पर जोर दिया ताकि किसी भी स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
राजनीति नहीं, विकास को मिले प्राथमिकता
अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों का नहीं बल्कि साझेदारी के साथ काम करने का है। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य, पंचायत और जनता मिलकर कार्य करेंगे तभी गांवों का विकास तेज होगा और विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़ी डिजिटल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा कई प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।

