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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की घोषणा; देश का पांचवां राज्य बनने की ओर प्रदेश
छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की घोषणा; देश का पांचवां राज्य बनने की ओर प्रदेश
रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC से संबंधित विधेयक पेश करेगी। यदि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो जाता है और आवश्यक संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, तो छत्तीसगढ़ UCC लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विशेषज्ञों से चर्चा और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है ताकि ऐसा कानून बनाया जा सके जो संविधान के अनुरूप हो और सभी नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है और इसी दिशा में शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की तैयारी की जा रही है।
UCC क्या है?
समान नागरिक संहिता (UCC) ऐसा कानून है, जिसके लागू होने पर विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान नियम लागू होंगे। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानून (Personal Laws) लागू होते हैं।
किन राज्यों में पहले से लागू है?
फिलहाल उत्तराखंड में UCC लागू किया जा चुका है। वहीं गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी इसे लागू करने की दिशा में सरकारें तैयारी कर रही हैं। अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विधेयक लाने की घोषणा कर दी है।
राजनीतिक और कानूनी चर्चा तेज
मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। समर्थकों का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित होंगे, जबकि विरोधी दलों का कहना है कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और सभी समुदायों की राय लेना आवश्यक है।
यदि शीतकालीन सत्र में विधेयक पारित होता है और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है, तो छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी।
छत्तीसगढ़
ऑपरेशन क्लीन हंट: ₹14.22 लाख की लोहे की हेराफेरी का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन क्लीन हंट: ₹14.22 लाख की लोहे की हेराफेरी का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़: रायगढ़ पुलिस ने आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमएसपी प्लांट से भेजे गए करीब ₹14.22 लाख मूल्य के एमएस चैनल और एमएस बीम की हेराफेरी का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूरी योजना के तहत फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर माल को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में बेचने की साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि यह केवल धोखाधड़ी का मामला नहीं था, बल्कि पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई थी। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अतिरिक्त धाराएं भी प्रकरण में जोड़ी गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
चक्रधरनगर थाना पुलिस के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एमएसपी प्लांट, जामगांव से जमशेदपुर भेजा गया लोहे का माल तय स्थान तक नहीं पहुंचा। माल की कीमत करीब ₹14,22,783 बताई गई।
शिकायत में बताया गया कि एक व्यक्ति ने खुद को ट्रांसपोर्टर का ड्राइवर बताते हुए वाहन उपलब्ध कराया और माल लोड कराया। बाद में जांच में पता चला कि आरोपी की पहचान फर्जी थी और उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज भी नकली थे। इसके बाद चक्रधरनगर थाना में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।
ऐसे खुली साजिश की परतें
विवेचना के दौरान पुलिस ने ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड, वाहन संबंधी दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और विभिन्न राज्यों में जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि माल की हेराफेरी पहले से बनाई गई साजिश के तहत की गई थी, जिसमें फर्जी पहचान और बदले हुए नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- भगतपुरी गोस्वामी (48), निवासी पत्थलगांव, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़)
- तसौवर अंसारी उर्फ शाहरुख (30), निवासी लोहरदगा, झारखंड
- अभय कुमार रवानी (24), निवासी धनबाद, झारखंड
- प्रेम कुमार रवानी (24), निवासी धनबाद, झारखंड
सभी आरोपियों को 24 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
आर्थिक अपराधियों पर पुलिस की सख्त नजर
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत आर्थिक अपराधों, धोखाधड़ी और संगठित ठगी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा।
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