IPS रतनलाल डांगी की बढ़ीं मुश्किलें, प्रारंभिक जांच में आरोप प्रमाणित, हाईकोर्ट में नई जांच टीम का प्रस्ताव
रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में नया मोड़ सामने आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले की प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। इसके बाद विभागीय जांच को आगे बढ़ाने के लिए जांच व्यवस्था बदलने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस विभाग की ओर से अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि DGP की तरफ से गृह सचिव को जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव में वरिष्ठ IPS अधिकारी दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की सिफारिश की गई है। हालांकि, यह बदलाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और सक्षम स्तर की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा।
महिला ने 2025 में की थी शिकायत
यह मामला पुलिस विभाग में पदस्थ एक SI की पत्नी की शिकायत से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत में तत्कालीन IG रतनलाल डांगी पर लंबे समय तक कथित शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
महिला का कहना था कि योग सिखाने के दौरान उनकी डांगी से पहचान हुई थी और बाद में वीडियो कॉल के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। विरोध करने पर धमकी दिए जाने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए थे। ये आरोप शिकायतकर्ता के हैं और इसी मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई चल रही है।
पुरानी जांच पर भी उठे थे सवाल
शिकायतकर्ता ने शुरुआती जांच की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। उनका आरोप था कि जांच के दौरान उनका पक्ष पर्याप्त रूप से नहीं सुना गया और जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई।
प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और DIG मिलना कुर्रे को दी गई थी। शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों की भूमिका पर आपत्ति जताते हुए किसी वरिष्ठ अधिकारी, विशेष रूप से महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी।
इसी विवाद के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अगस्त 2026 में हाईकोर्ट ने राज्य के गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से मामले की जांच तथा अब तक की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा था।
अब दीपांशु काबरा के नाम का प्रस्ताव
हाईकोर्ट में पुलिस विभाग की ओर से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, DGP ने गृह सचिव को जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा है।
प्रस्तावित व्यवस्था में:
- IPS दीपांशु काबरा — जांच अधिकारी
- IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल — प्रस्तुतकर्ता अधिकारी
बनाए जाने की सिफारिश की गई है। लेकिन दोनों अधिकारियों की नियुक्ति को अभी अंतिम नहीं माना जा सकता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी जरूरी है।
डांगी पहले ही हो चुके हैं निलंबित
शिकायत सामने आने के बाद रतनलाल डांगी को पद से हटाया गया था और बाद में राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। हालांकि, डांगी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा और निराधार बताया है।
अब अगली सुनवाई पर नजर
नए जांच अधिकारी के प्रस्ताव के बाद अब मामले की आगे की कार्रवाई सक्षम स्तर की मंजूरी और हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई से जुड़ी है। विभाग को जांच की वर्तमान स्थिति और प्रस्तावित नई व्यवस्था के संबंध में अदालत के सामने स्थिति स्पष्ट करनी है।

