राम मंदिर ट्रस्ट से पीएमओ ने मांगा वित्तीय ब्योरा, जांच का हवाला देकर जानकारी देने से किया इनकार
अयोध्या : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर चर्चा में है। मंदिर में प्राप्त चंदे और वित्तीय लेन-देन को लेकर उठे सवालों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से ट्रस्ट से विस्तृत वित्तीय जानकारी मांगी गई थी। हालांकि ट्रस्ट ने चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच का हवाला देते हुए फिलहाल कोई भी वित्तीय विवरण साझा करने से इनकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट से आय-व्यय, दान राशि, बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री और अन्य संपत्तियों से जुड़ा विवरण मांगा गया था। यह मामला तब सामने आया जब एक शिकायत पीएमओ तक पहुंची, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जवाब में कहा कि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों और दान राशि को लेकर पहले से ही एसआईटी जांच जारी है। ऐसे में जांच पूरी होने तक मांगी गई सूचनाएं सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
दरअसल, पिछले कुछ सप्ताह से राम मंदिर में चढ़ावे और धन के कथित दुरुपयोग को लेकर आरोपों की जांच चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी इस मामले की पड़ताल कर रही है और जांच अब अहम चरण में पहुंच चुकी है। हाल ही में एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी राज्य सरकार को सौंप दी है।
जांच के दौरान ट्रस्ट और मंदिर से जुड़े कुछ अधिकारियों को अयोध्या छोड़कर बाहर न जाने के निर्देश भी दिए गए थे, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर ट्रस्ट जांच पूरी होने तक जानकारी सार्वजनिक न करने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर कई पक्ष मंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं के चंदे के उपयोग को लेकर अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजरें एसआईटी जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

