उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: पथराव के बाद 15 लोग हिरासत में, 8 FIR दर्ज; AI वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के घेरे में
उज्जैन: उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जाने को लेकर सोमवार को हुए पथराव और तनाव के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मामले में 8 FIR दर्ज कर 20 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच कर रही है।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा है। कान्थल चौराहे से गोपाल मंदिर की ओर जाने वाली सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है। इसी सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने पर सहमति बनी थी। प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई केवल सड़क की जद में आने वाले हिस्से तक सीमित है।
सोमवार को कार्रवाई के दौरान मौके पर भीड़ जुट गई और पुलिस पर पथराव की स्थिति बनी। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई।
AI वीडियो और अफवाहों की भी जांच
पुलिस के मुताबिक विवाद के बीच सोशल मीडिया पर ऐसे AI-generated वीडियो प्रसारित हुए, जिनमें पूरी शाही मस्जिद को गिराए जाने का गलत चित्रण किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो और अन्य पोस्ट के प्रसार से लोगों में भ्रम पैदा हुआ और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी बढ़ा दी है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार 100 से अधिक इंस्टाग्राम अकाउंट जांच के दायरे में हैं, जबकि FIR में नामजद 20 लोगों में पांच कंटेंट क्रिएटर बताए गए हैं।
हाईकोर्ट में भी हुआ समझौता
इसी मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को दो अपीलों का निपटारा किया। मस्जिद पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि उज्जैन नगर निगम के साथ मामले में समझौता हो चुका है। कोर्ट ने नगर निगम द्वारा अपने जवाब और अंतरिम नोटिस में दिए गए आश्वासनों को निगम के लिए बाध्यकारी माना।
मस्जिद प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि फहीम सिकंदर के अनुसार सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर समुदाय सहयोग कर रहा है और प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। मंगलवार को भी प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई थी।
प्रशासन की लोगों से अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अनावश्यक रूप से घटनास्थल पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। पुलिस CCTV और ड्रोन कैमरों के जरिए पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री की निगरानी और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को तय सहमति के अनुसार आगे बढ़ाने पर है।

