सोमवार और पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग: आज शिव आराधना का विशेष दिन, देशभर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
आज का दिन भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया है। सोमवार और पूर्णिमा तिथि के शुभ संयोग के चलते देश के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष के साथ भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है, जबकि पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक साधना और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे में दोनों का एक साथ पड़ना शिव उपासना का महत्व कई गुना बढ़ा देता है। इसी कारण वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के बाबा बैद्यनाथ, ओंकारेश्वर, सोमनाथ और देशभर के अन्य प्रमुख शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं।
मंदिरों में बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, दूध और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है। कई स्थानों पर विशेष आरती, भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया है। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।
धर्माचार्यों का कहना है कि सोमवार-पूर्णिमा का यह संयोग आत्मचिंतन, संयम और शिव भक्ति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे शुभ अवसर पर दान-पुण्य, ध्यान और मंत्र जाप को भी अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है।

