भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA: DCGI की मंजूरी, जानिए कितनी असरदार है और कब होगी उपलब्ध

नई दिल्ली: भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। देश के औषधि नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने जापान की दवा कंपनी Takeda Biopharmaceuticals द्वारा विकसित QDENGA (TAK-003) वैक्सीन को बाजार में उपयोग की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वीकृत पहली वैक्सीन बन गई है। 

किन लोगों को लग सकेगी वैक्सीन?

कंपनी के अनुसार QDENGA को 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए मंजूरी दी गई है। इसकी खास बात यह है कि इसे लगवाने से पहले यह जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी कि व्यक्ति को पहले कभी डेंगू हुआ है या नहीं। यह सुविधा इसे कुछ अन्य डेंगू वैक्सीन से अलग बनाती है। 

कितनी असरदार है QDENGA?

अंतरराष्ट्रीय क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों के अनुसार QDENGA ने पुष्ट डेंगू संक्रमण के मामलों में लगभग 80.2% प्रभावशीलता दिखाई है, जबकि डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को लगभग 90.4% तक कम करने में प्रभावी पाई गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गंभीर डेंगू के मामलों में कमी लाने में मदद मिल सकती है। 

कैसे दी जाएगी वैक्सीन?

QDENGA को दो डोज़ में लगाया जाएगा। दोनों डोज़ के बीच लगभग तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) के खिलाफ सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित की गई है। 

भारत में कब से होगी उपलब्ध?

हालांकि वैक्सीन को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कंपनी के अनुसार इसे भारत में निजी स्वास्थ्य सेवाओं (Private Healthcare) के माध्यम से 2027 की पहली छमाही तक उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। 

क्या डेंगू पूरी तरह खत्म हो जाएगा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन डेंगू के गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन केवल वैक्सीन के भरोसे डेंगू पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं होगा। मच्छरों की रोकथाम, साफ-सफाई, जलभराव रोकना और समय पर उपचार जैसी सावधानियां पहले की तरह जरूरी रहेंगी। 

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