सीएम भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर का पूर्व जज रणजीत सिंह को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में माफी की मांग
चंडीगढ़/नई दिल्ली : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस उनके खिलाफ लगाए गए उन आरोपों के बाद भेजा गया है, जिनमें कथित तौर पर एक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई थी।
24 घंटे में माफी मांगने की मांग
कानूनी नोटिस में डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा और आधारहीन बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जस्टिस रणजीत सिंह से आरोपों को लेकर 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर मानहानि सहित कानूनी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों से हुई। उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने एक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। इन आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ये आरोप अभी आरोप ही हैं और इनकी सत्यता किसी न्यायिक निर्णय से स्थापित नहीं हुई है। डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अब कानूनी रास्ता अपनाया है।
NHRC ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट
इसी मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
NHRC की कार्रवाई का मतलब आरोपों को सही ठहराना नहीं है, बल्कि आयोग ने शिकायत और लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित सरकारी अधिकारियों से तथ्यात्मक कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
अब आगे क्या होगा?
कानूनी नोटिस के बाद मामला अब दो स्तरों पर आगे बढ़ सकता है। एक तरफ NHRC की ओर से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट पर पंजाब सरकार और पुलिस को जवाब देना होगा, वहीं दूसरी तरफ जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से कानूनी नोटिस का जवाब दिए जाने की संभावना है।
यदि नोटिस में दी गई समयसीमा के भीतर जवाब या माफी नहीं मिलती है, तो डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से मानहानि अथवा अन्य उपयुक्त कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की चेतावनी दी गई है।
मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में
इस विवाद ने पंजाब की राजनीति में भी ध्यान खींचा है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जुड़ा व्यक्ति और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश आमने-सामने हैं। हालांकि, मामले के आरोपों और कानूनी दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

