सिक्किम टनल हादसा: मरने वालों की संख्या बढ़कर 20, 5 मजदूर अब भी लापता; जहरीली गैस से राहत कार्य में बड़ी चुनौती

गंगटोक/नामची : सिक्किम के नामची जिले में NHPC की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। हादसे के बाद से चल रहे राहत एवं बचाव अभियान के बावजूद 5 मजदूर अब भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सुरंग में फैली मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसों के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन हो गया है। 

प्रारंभिक जांच के अनुसार सुरंग के भीतर चट्टानों में फंसी मीथेन गैस के अचानक विस्फोट के बाद तेज धमाका हुआ, जिससे सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। विस्फोट के समय कुल 25 कर्मचारी और अधिकारी अंदर मौजूद थे। जहरीली गैस और घने धुएं के कारण राहत दलों को सीमित समय के लिए ही सुरंग में प्रवेश करना पड़ रहा है। 

घटना के बाद NDRF, SDRF, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन, NHPC और पश्चिम बंगाल की विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं। सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की उपलब्धता, गैस की निगरानी और मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि लापता श्रमिकों की तलाश तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता। 

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटनास्थल का दौरा कर हालात की समीक्षा की। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही हादसे के कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का भी ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात कर हरसंभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया है। 

अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दौरान सुरक्षा मानकों और भू-वैज्ञानिक जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें राहत अभियान पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि शेष फंसे मजदूरों तक जल्द पहुंच बनाई जा सकेगी। 

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