अचानकमार क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा, शिक्षा-स्वास्थ्य और पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले स्थित अचानकमार क्षेत्र में जनजातीय विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
शिवतराई में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध होना जरूरी है। साथ ही पात्र लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पर्यटन विकास को लेकर भी अहम चर्चा हुई। अधिकारियों को अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में होम-स्टे सुविधा विकसित करने और स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की योजना तैयार करने को कहा गया। शासन का मानना है कि इससे आदिवासी युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
प्रमुख सचिव ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें
आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूलों और छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
समीक्षा बैठक में पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आदिवासी क्षेत्रों में आवास, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का सर्वे कर योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि बैगा समुदाय सहित जनजातीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें शिक्षा, कौशल और बेहतर अवसरों से जोड़ने की है। इसी उद्देश्य से क्षेत्र में लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

