ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क को तकनीकी मदद देने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार
रायगढ़: जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना की टीम ने क्रिकेट सट्टा नेटवर्क को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सट्टेबाजों को ऑनलाइन सट्टा आईडी उपलब्ध कराने और तकनीकी प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध गतिविधियों में मदद करने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल सट्टा आईडी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह ऐसे तकनीकी सिस्टम और वेबसाइटों के संचालन में भी भूमिका निभा रहा था, जिनका उपयोग सट्टेबाज मैच के दौरान अनुचित लाभ लेने के लिए करते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जा रही तकनीक के माध्यम से मैच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामान्य प्रसारण से कुछ सेकेंड पहले उपलब्ध कराई जाती थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर उसके खिलाफ आईटी एक्ट और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे तकनीकी रूप से संगठित नेटवर्क काम कर रहे हैं। ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसके संचालन में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों, एजेंटों तथा मुख्य संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

