32 साल बाद खुला यमुना जल समझौते का रास्ता, राजस्थान-हरियाणा ने किया ऐतिहासिक करार; शेखावाटी को मिलेगा पानी, दिल्ली को भी राहत की उम्मीद
नई दिल्ली: करीब 32 वर्षों से लंबित यमुना जल बंटवारे को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच ऐतिहासिक सहमति बन गई है। केंद्र सरकार की मौजूदगी में दोनों राज्यों ने यमुना जल परियोजना को लागू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस फैसले के साथ राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या दूर करने, हरियाणा की जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने और दिल्ली में बाढ़ नियंत्रण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब ₹34,102 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हरियाणा से राजस्थान तक लगभग 300 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके माध्यम से राजस्थान को उसके हिस्से का यमुना जल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे विशेष रूप से लंबे समय से पानी की कमी झेल रहे शेखावाटी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
समझौते के अनुसार जुलाई से अक्टूबर के बीच यमुना नहर से लगभग 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी तीन भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए राजस्थान भेजा जाएगा। इससे राज्य में पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इसे 1994 के अपर यमुना जल समझौते को व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह राज्यों के बीच संवाद और सहयोग से समाधान निकालने का उदाहरण है।
क्या होंगे इस समझौते के प्रमुख फायदे?
- शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को दीर्घकालिक पेयजल राहत मिलेगी।
- हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र की जल निकासी और प्रबंधन व्यवस्था बेहतर होगी।
- अतिरिक्त पानी के बेहतर प्रबंधन से दिल्ली में बाढ़ के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।
- दोनों राज्यों के बीच वर्षों पुराना जल विवाद सुलझने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उत्तर भारत में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, क्षेत्रीय विकास और अंतरराज्यीय सहयोग को भी नई मजबूती देगी। परियोजना के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद इसके लाभ आने वाले वर्षों में व्यापक स्तर पर दिखाई देने की उम्मीद है।

