72 घंटे में ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा: जमीन विवाद में दंपति की हत्या कर शव जलाने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार
रायगढ़/धरमजयगढ़: रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कोंध्रा (देवमारीडांड) में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई वैज्ञानिक जांच और पुलिस डॉग की मदद से इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्षों पुराने भूमि विवाद के चलते आरोपियों ने दंपति की टांगी से हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने और वारदात को हादसे का रूप देने के उद्देश्य से घर और शवों में आग लगा दी गई।
वैज्ञानिक जांच और डॉग स्क्वॉड बने अहम कड़ी
घटना की सूचना मिलने के बाद धरमजयगढ़ पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(बी) और 326(जी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटनास्थल से बरामद हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध के आधार पर पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने श्याम लाल राठिया की ओर संकेत किया। इसके बाद एफएसएल टीम द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनों भाइयों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
भूमि विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार मृतक परिवार और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते दोनों भाइयों ने मिलकर दंपति की हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद घर में आग लगाकर साक्ष्य नष्ट करने की भी कोशिश की गई।
दो सगे भाई गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में श्याम लाल राठिया (32 वर्ष) और जीवन लाल राठिया (48 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम कोंध्रा, थाना धरमजयगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना, तकनीकी साक्ष्य और प्रभावी पुलिसिंग के दम पर अपराधियों तक पहुंचना संभव है। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

