NEET पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा फैसला: पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान, बोले—युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी राहत
नई दिल्ली: देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों और छात्रों की चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई में देरी नहीं होनी चाहिए, इसलिए केंद्र सरकार ऐसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करेगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई व्यवस्था को जल्द लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो लोग पेपर लीक जैसे अपराधों के जरिए लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, उन्हें कानून के तहत सख्त और त्वरित सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल दोषियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी तेज बनाने पर काम करेगी ताकि ऐसे मामलों में वर्षों तक फैसला लंबित न रहे।
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली समेत कई शहरों में छात्र और युवा संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और पूरे मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सीबीआई इस मामले में अलग-अलग राज्यों में अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक जैसे मामलों में न्याय प्रक्रिया तेज होगी और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

