सावन शुरू होते ही शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव, जानिए इस पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा का क्या है महत्व
धार्मिक डेस्क: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर में भगवान शिव की आराधना का दौर शुरू हो गया है। शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक, पूजा और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सावन को भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष महत्व वाला महीना माना जाता है।
क्यों खास माना जाता है सावन?
हिंदू धार्मिक परंपरा में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान शिव आराधना, महामृत्युंजय मंत्र, ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप और जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
सावन के दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। कई श्रद्धालु दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा क्यों?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को अभिषेक प्रिय है। सावन में वर्षा ऋतु होने के कारण प्रकृति भी जल से परिपूर्ण रहती है और इसी समय शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
हालांकि पूजा की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में अलग हो सकती है। इसलिए इसे धार्मिक आस्था और परंपरा के रूप में समझना उचित है।
सावन में सोमवार का विशेष महत्व
सावन के सोमवार को भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। बड़ी संख्या में भक्त सोमवार को व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक करते हैं।
देश के कई हिस्सों में सावन के दौरान मंदिरों में विशेष सजावट, रुद्राभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। सावन शुरू होने के साथ ही कई प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है।
बेलपत्र और ‘ॐ नमः शिवाय’ का महत्व
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष स्थान है। श्रद्धालु शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह मंत्र शिव उपासना का प्रमुख मंत्र माना जाता है।
सावन का संदेश केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। इस महीने को संयम, सात्विकता, प्रकृति के प्रति सम्मान और आत्मचिंतन से जोड़कर भी देखा जाता है।
सावन में शिव भक्ति का अलग ही रंग
सावन शुरू होते ही गांवों से लेकर शहरों तक शिव मंदिरों में भक्तिमय माहौल दिखाई देने लगा है। कहीं कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू हो रही हैं तो कहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
भगवान शिव को भोलेनाथ, महादेव और शंकर जैसे अनेक नामों से पुकारा जाता है। सावन का महीना इसी शिव भक्ति को और गहरा करने का अवसर माना जाता है।
हर हर महादेव! 🔱

