झुग्गी में रहने वाली पूजा साहू की मेहनत लाई रंग, अब पीएचडी कर समाज सेवा का सपना”

रायपुर : कठिन परिस्थितियों और आर्थिक अभाव के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखने वाली गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की श्रवण बाधित युवती पूजा साहू अब नई उम्मीद के साथ अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। 75 प्रतिशत श्रवण बाधित होने के बावजूद उन्होंने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना नहीं छोड़ा।

वार्ड क्रमांक 1 सिंचाई कॉलोनी सारबहरा स्मृति वाटिका गौरेला की झुग्गी बस्ती में रहने वाली पूजा साहू ने सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखी और नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की। उनका सपना पीएचडी कर शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में काम करने का है, लेकिन आर्थिक स्थिति और श्रवण समस्या उनके सामने बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

इसी बीच समाज कल्याण विभाग ने उनकी मदद के लिए आगे आकर उन्हें दो डिजिटल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए। श्रवण यंत्र मिलने के बाद पूजा साहू के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे पढ़ाई और संवाद को पहले से बेहतर तरीके से कर पा रही हैं, जिससे उनके शोध और आगे की शिक्षा का रास्ता आसान होगा।

इतना ही नहीं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “प्रगति सेवा संस्था” में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है। इस कार्य के लिए उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। इससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मविश्वास भी मिला है।

पूजा साहू ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए नई जिंदगी जैसा है। उन्होंने कहा कि वे आगे चलकर समाज के अन्य दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं।

यह कहानी केवल एक युवती के संघर्ष की नहीं, बल्कि संवेदनशील सरकारी पहल और सामाजिक सहयोग की मिसाल भी है, जिसने एक जरूरतमंद बेटी के सपनों को नई उड़ान दी है।

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