मुख्यमंत्री का एक्शन: जनता से बदसलूकी करने वाले दुर्ग जनपद CEO सस्पेंड
रायपुर: सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से कथित बदसलूकी और कर्तव्य में लापरवाही दुर्ग जनपद पंचायत के CEO रूपेश कुमार पाण्डेय को भारी पड़ गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद दुर्ग संभागायुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर का है, जहां एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में अधिकारी के व्यवहार को लेकर शिकायतें मिली थीं। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासनिक जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि जनसुनवाई शिविर के दौरान अधिकारी ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती और आम नागरिकों के प्रति अपेक्षित शालीनता नहीं दिखाई। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ संदेश दिया है कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निलंबन आदेश के अनुसार रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही और अनुचित व्यवहार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

