भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता लागू, दोनों देशों के कारोबार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) अब औपचारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के प्रभाव में आने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का मानना है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों, विनिर्माण क्षेत्र, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स और सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर लेकर आएगा। वहीं ब्रिटेन की कई कंपनियां भी भारतीय बाजार में निवेश बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।
समझौते के लागू होने के बाद कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में चरणबद्ध राहत मिलेगी। हालांकि कुछ श्रेणियों में करों और स्थानीय मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल पाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी आने वाले समय में व्यापार, निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी तथा दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को मजबूती देगा और दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा। आने वाले महीनों में इसके आर्थिक प्रभाव अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकते हैं।

