गोवा में लॉन्च हुआ ‘भाषिनी राजयम’, अब कोंकणी समेत भारतीय भाषाओं में मिलेगी AI आधारित सरकारी सेवाएं
नई दिल्ली/पणजी: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (Bhashini Division) ने गोवा सरकार के सहयोग से ‘भाषिनी राजयम: राज्य सहभागिता कार्यशाला’ का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य कोंकणी सहित भारतीय भाषाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना और सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रोहन ए. खौंटे, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, स्टार्टअप प्रतिनिधि, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और भाषा विशेषज्ञ शामिल हुए।
कोंकणी भाषा को मिलेगा डिजिटल बढ़ावा
कार्यशाला के दौरान कोंकणी भाषा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि AI आधारित भाषा तकनीकों की मदद से नागरिक अपनी मातृभाषा में सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल पोर्टलों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे।
AI से आसान होगी सरकारी सेवाओं तक पहुंच
डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने बताया कि भाषिनी का उद्देश्य ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां भाषा किसी भी नागरिक के लिए बाधा नहीं बल्कि सुविधा बने। उन्होंने कहा कि यह तकनीक शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बैंकिंग और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में तेजी से उपयोग की जा रही है।
भाषिनी के AI समाधानों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में भाषिनी के कई AI आधारित प्लेटफॉर्म और टूल्स का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। इनमें वॉइस रिकग्निशन (Speech Recognition), टेक्स्ट-टू-स्पीच, AI अनुवाद, लिप्यंतरण और बहुभाषी API जैसी सुविधाएं शामिल रहीं। अधिकारियों ने बताया कि इन तकनीकों को सरकारी वेबसाइटों और मोबाइल सेवाओं से जोड़कर नागरिकों को उनकी पसंदीदा भाषा में बेहतर सुविधा दी जा सकेगी।
पर्यटन और शिक्षा को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुभाषी AI तकनीक से गोवा के पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी। विदेशी और देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक अपनी भाषा में डिजिटल जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं शिक्षा और नागरिक सेवाओं में भी भाषा संबंधी बाधाएं काफी हद तक कम होंगी।
डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का कहना है कि ‘भाषिनी राजयम’ केवल एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सभी भारतीय भाषाओं को समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। भविष्य में अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कार्यशालाओं और परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

