उज्जैन सीवर हादसे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, दो सप्ताह में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
नई दिल्ली/ उज्जैन: मध्य्र प्रदेश के उज्जैन जिले में सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की घटना को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
एनएचआरसी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर घटना से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति, मृतक श्रमिक के परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता तथा घायल मजदूरों के उपचार और मुआवजे का पूरा विवरण शामिल करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह हादसा 7 जुलाई 2026 को उज्जैन के भैरवगढ़ रोड स्थित पिपली नाका क्षेत्र में हुआ था। सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस फैलने से तीन मजदूर बेहोश हो गए थे। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य का इलाज जारी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि समाचारों में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सीवर और मैनहोल की सफाई के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है और इस प्रकार की घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
गौरतलब है कि देशभर में सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद समय-समय पर सामने आने वाले ऐसे हादसे श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

