14 घंटे तक गूंजती रही विधानसभा, आखिरकार गिरा कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव; CM साय का तीखा पलटवार
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लंबी चर्चा के बाद खारिज हो गया। लगभग 14 घंटे तक चली बहस के बाद सदन में सरकार ने अपना बहुमत कायम रखते हुए विश्वास हासिल किया। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक भी देखने को मिली।
सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी, बिजली, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न जनहित के मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष का कहना था कि सरकार कई मोर्चों पर जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई है।
वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को तथ्यों से परे बताते हुए सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर हमला
बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है और सरकार पर लगाए गए कई आरोप तथ्यहीन हैं।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा,
“अगर झूठ बोलने में पीएचडी की डिग्री होती, तो कांग्रेस के सदस्य उसके विशेषज्ञ होते।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है तथा जनता के हित में लिए गए फैसलों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बहुमत के साथ गिरा अविश्वास प्रस्ताव
करीब 14 घंटे चली चर्चा के बाद सदन में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव बहुमत हासिल नहीं कर सका और ध्वनिमत से खारिज हो गया। इसके साथ ही विधानसभा में सरकार ने अपना बहुमत बरकरार रखा।
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