5 जून को गुजरात-दमन दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सड़क, स्वास्थ्य, विमानन, बिजली और बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश के पश्चिमी हिस्से में कनेक्टिविटी मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

दौरे की शुरुआत गुजरात के सूरत जिले से होगी, जहां प्रधानमंत्री हजीरा क्षेत्र में चल रही औद्योगिक और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे करीब 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और नई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण हिस्सों का लोकार्पण करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच यातायात और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के कई हिस्सों को चार लेन में विकसित करने की परियोजना शुरू की जाएगी, जिससे जनजातीय इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच आसान बनेगी।

सूरत में 200 बिस्तरों वाले आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन किया जाएगा। अस्पताल में आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाओं सहित कई विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क, औद्योगिक अवसंरचना और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

शाम को प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे, जहां लगभग 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इस दौरान वे नमो एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और अत्याधुनिक नमो अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और हवाई संपर्क को बड़ा लाभ मिलेगा।

दमन में आइकॉनिक ब्रिज, कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) परिसर जैसी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। इनसे पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री लक्षद्वीप के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण बंदरगाह परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इन योजनाओं के तहत आधुनिक घाट और समुद्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे द्वीपों में पर्यटन, मत्स्य व्यवसाय और समुद्री संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से पश्चिमी भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

 

इसे भी पढ़ें👇

महाकाल की नगरी उज्जैन: आस्था, इतिहास और रहस्यों से जुड़ा अद्भुत शिव धाम

शॉ मिल चोरीकांड का खुलासा: CCTV फुटेज के सहारे 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *