ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस, पंचायत प्रतिनिधियों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
नई दिल्ली : ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल तेज कर दी है। पंचायती राज मंत्रालय की ओर से “निर्भय रहो” अभियान के तहत नई दिल्ली में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों और महिला जनप्रतिनिधियों को कानूनी जागरूकता और सुरक्षा से जुड़े विषयों की ट्रेनिंग दी गई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, लैंगिक समानता और कानूनी सहायता व्यवस्था को मजबूत बनाना बताया गया। प्रशिक्षण में देशभर से जुड़े अधिकारियों, पंचायत संस्थानों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, बाल विवाह, महिला सुरक्षा कानून, पीड़ित सहायता और पंचायत स्तर पर त्वरित सहायता प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को केस स्टडी, समूह चर्चा और व्यवहारिक प्रशिक्षण के जरिए जागरूक किया गया।
पंचायती राज मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि “निर्भय रहो” पहल के जरिए देशभर में लाखों पंचायत प्रतिनिधियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत महिला जनप्रतिनिधियों को नेतृत्व और कानूनी जानकारी से सशक्त बनाया जाएगा, वहीं पुरुष प्रतिनिधियों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील करने पर भी काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि पंचायत स्तर पर जागरूक और प्रशिक्षित नेतृत्व महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा गांवों में तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण भारत में महिलाओं के लिए सुरक्षित और जागरूक माहौल तैयार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

