जिला बदर आरोपी ने पुलिस कार्यालय में किया हंगामा, पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचा; कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
रायगढ़ | वंदे भारत न्यूज़: रायगढ़ में जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने वाले आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया। आरोपी पर जिला दंडाधिकारी के निष्कासन आदेश की अवहेलना करने और पुलिस परिसर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप है।
पुलिस कार्यालय में मचाया हंगामा
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की शाम जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा और अपने खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने को लेकर जोर-जोर से हंगामा करने लगा।
इस दौरान उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें पेट्रोल भरा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए बोतल को उसके कब्जे से सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया। इसी बीच कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई।
समझाइश के बाद भी नहीं माना
पुलिस ने आरोपी को शांत रहने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार अभद्र व्यवहार करता रहा और हंगामा बढ़ाता गया। कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।
दो बार हो चुका है जिला बदर
पुलिस के मुताबिक, चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य (29 वर्ष) निवासी रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, थाना कोतवाली, रायगढ़ का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है। उसके खिलाफ मारपीट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसे वर्ष 2024 में पहली बार एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। जिला बदर अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। इसके बाद वर्ष 2025 में फिर दर्ज हुए प्रकरणों के आधार पर जिला प्रशासन को दोबारा जिला बदर की कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया।
एक साल के लिए कई जिलों से किया गया था निष्कासित
23 मार्च 2026 को जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क) एवं 5(ख) के तहत आदेश जारी कर आरोपी को रायगढ़ सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित (जिला बदर) किया था।
इसके बावजूद आरोपी ने आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ जिले में प्रवेश किया और पुलिस कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया, जिसके बाद उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
एसएसपी का सख्त संदेश
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्ती से वैधानिक कार्रवाई करेगी। जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

